डॉ सत्यजीत साहू ( लेखक समाजसेवी व चिकित्सक हैं )

विभिन्न विषय विशेषज्ञों ने कई सत्रों में विचार विमर्श करके इस आधुनिक कोर्स को डिज़ाइन किया है।
दरअसल समाज के विभिन्न वर्गों के द्वारा नशा मुक्ति के लिये एक विशेष कार्यक्रम बनाने की माँग की गई थी. इसके पीछे बहुत से कारण थे. पहला कारण था कि नशा मुक्ति केंद्र में भर्ती होना महंगा पड़ रहा था और कई पीड़ित लोग भय और डर के कारण केंद्र में भर्ती नहीं होना चाहते थे. दुसरा कारण था कि यह महसूस किया जा रहा था कि नशा मुक्ति केंद्र में रहने खाने और वातावरण से दुर रहने के बाद वापस उसी वातावरण में लौट आने पर नशे की लत दुबारा पकड़ लेती है . इस प्रकार कि स्थितियों में ऐसे कार्यक्रम की जरूरत महसूस हुई जो नशे से पीड़ित लोगों के मनःस्थिति को बेहतर तरीके से परिवर्तित कर सके जिससे लत से मुक्ति में आसानी हो. तीसरा कारण यह देखने में आया कि नशे से छुटकारा पाने की काउंसिलिंग नशे की आदत के इर्द गिर्द ही होती है उसमें नये सकारात्मक आदतों को शामिल करने की जगह नहीं होती है जबकि सकारात्मक मनोविज्ञान और व्यक्तित्व विकास के विज्ञान नें पिछले कई सालों में बहुत तरक़्क़ी की है।
डॉ सत्यजीत साहू के निर्देशन में विषय विशेषज्ञों की टीम नें इस कोर्स को डिजाइन किया है. इस टीम में योग ध्यान के विशेषज्ञ, वरिष्ठ समाज कार्यकर्ता , मनोवैज्ञानिक विशेषज्ञ, क्लिनिकल चिकित्सक, मनोचिकित्सक, व्यक्तित्व विकास प्रशिक्षक , प्राकृतिक चिकित्सक शामिल थे . डॉ सत्यजीत साहू नें विभिन्न विशेषज्ञों की सलाह और विभिन्न विषयों के आधुनिक रिसर्च पेपर को समायोजित करके विशिष्ट पंद्रह सत्रों का माडयुल तैयार किया है. इसे एक माह, तीन माह और छह माह के कोर्स के रूप में संचालित किया जाएगा. कोर्स में आधा समय विभिन्न विषयों को समझने में और आधा समय व्यवहारिक प्रयोग के रूप में रखा गया है. होमवर्क के रूप में वर्क बुक को तैयार किया गया जिसमें प्रतिभागियों के द्वारा अपने अनुभव, विचार और विकास को लिख सकेंगे . यह वर्क बुक परिवार और अभिभावकों को प्रतिभागियों में हो रहे सकारात्मक परिणामों को दिखाने में मदद करेगा.
इस कोर्स के विशिष्ट पंद्रह सत्रों के विषय हैं
1 नंशा मुक्ति का विज्ञान 2 मनोवैज्ञानिक चिकित्सा ( शैडो वर्क, अटेचमेंट वर्क , गैसटाल्ट वर्क, कैथारसिस वर्क) 3 मानसिक अध्यात्मिक ऐप्रोच ( साधारण योग, प्रारंभिक ध्यान, कीर्तन) 4 जैव धर्म ( आहार, स्नान विधि, प्राकृतिक पंचकर्म, उपवास) 5 सामाजिक कार्य (सोशल एक्शन ) 6 मेटरशिप ऐप्रोच ( आईडियल पर्सनालिटी, मेंटर ऐबसार्बशन ) 7 योगासन प्राणायाम ( बायो साइकोलॉजी, वाइटल फोर्स) 8 पारिवारिक सामुहिक संवाद और परामर्श 9 क्लिनिकल ऐसेसमेंट और थेरेपी
10 लोकल विज़िट ( हास्पिटल, डिऐडिक्शन सेंटर, हायर इंस्टिट्यूशन )
11 पाजिटिव साईकोलाजी ( वैल्यू, कैरेक्टर स्ट्रेंथ )
12 कागिनिटिव बिहेवियरल थेरेपी ( डिसिप्लिन , ऐटिकेटस, स्मार्टनेस )
13 व्यक्तित्व विकास ( गोल सेटिंग , टाईम मैनेजमेंट, कम्युनिकेशन स्किल, इंग्लिश )
14 इंटीग्रल डेवलपमेंट ( ग्रोअप , वेकअप , शोअप ,क्लिनअप ,ओपन अप )
15 रोज़गारपरक शिक्षा ( मैक्सिमम युटिलाईजेशन आफ पोटेशियल फ़ार सेल्फ फ़ैमिली एंड सोसाइटी इन बैलेंस फारमेंट )
वर्तमान में इस आधुनिक तरीके के नशा मुक्ति कोर्स को “नालेज कोआपरेटिव यूनिट “छत्तीसगढ़ी समाज के द्वारा संचालित किया जा रहा है. छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के अवंति विहार के आनंदमार्ग ध्यान योग केंद्र में यह नशा मुक्ति केंद्र स्थित है . कोर्स का शुल्क नो प्रॉफिट नो लांस के आधार पर सामुदायिक सेवा के रूप में तय किया गया है। नशा मुक्ति कोर्स में भाग लेने के लिए इच्छुक व्यक्ति अधिक जानकारी के लिये आचार्य रितेश्वरानंद अवधूत79997 73246, 94242 30656मुकेश (सतीश) वर्मा 94063 80382 से संपर्क कर सकते हैं.
डॉ सत्यजीत साहू का कहना है कि नशा मुक्ति के लिये किए जा रहे प्रयासों से जुड़ना सामाजिक सेवा का ही एक प्रकल्प है.

