मीडिया केवल सूचना ही नही, दृष्टिकोण भी देता है- डॉ प्रो मानसिंह परमार 
पुन्नर के कैलाश मानसरोवर राजयोग भवन में मीडिया सेमिनार का आयोजन
शांति और सद्भावना की पुनर्स्थापना में मीडिया की भूमिका विषय पर देशभर के पत्रकारों ने किया मंथन
ब्रह्माकुमारीज़ के मीडिया विंग ने किया सेमिनार का आयोजन 
पुन्नर/16 मई। देवभूमि हिमाचल प्रदेश की धौलाधार पर्वतीय श्रृंखला की तराई में बैठकर मीडिया मनीषियों ने विश्व में शांति और सद्भावना की स्थापना को लेकर चिंतन किया। सभी ने एक स्वर में विश्व में शांति व सद्भाव की पुनर्स्थापना का संकल्प लिया। अवसर था प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के मीडिया विंग द्वारा आयोजित मीडिया सेमिनार का। जिसमें देशभर से आये ब्रह्माकुमारीज़ मीडिया विंग के सदस्यों के साथ कांगड़ा के पत्रकारों ने सहभागिता की। 
माउंट आबू राजस्थान से आए ब्रह्माकुमारीज़ के मीडिया विंग के राष्ट्रीय समन्वयक ब्रह्माकुमार डॉ शांतनु भाई ने मीडिया सेमिनार की भूमिका रखी। उन्होंने कहा कि ब्रह्माकुमारीज़ विश्व की एकमात्र संस्था जिसका नेतृत्व महिलाएं करती है। संसार मे दुख अशांति बढ़ने का एक ही कारण है कि मूल्यों का हास हुआ है। ऐसे समय पर ये मीडिया सेमिनार सार्थक है। देश और समाज को मिलाकर मीडिया ही चल सकता है। मीडिया लोकतंत्र का चौथा स्तम्भ है।
इंदौर से पधारे कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता व जनसंचार विश्वविद्यालय रायपुर के पूर्व कुलपति डॉ प्रो मानसिंह परमार ने मुख्य वक्ता के रूप संबोधित करते हुए कहा कि मीडिया केवल सूचना देने का काम नहीं करता बल्कि एक दृष्टिकोण देता है। शांति की स्थापना में मीडिया महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। 
मुख्य अतिथि के तौर पर संबोधित करते हुए खुशहाल शर्मा, डीआईजी तथा प्रिंसिपल पुलिस ट्रेनिंग सेंटर दारोह ने कहा सौभाग्य से ही ऐसे आध्यात्मिक स्थान पर आने का मौका मिलता है। मेरा पुलिस अधिकारी के रूप में पत्रकारों के साथ सकरात्मक सम्बन्ध रहा है। मैं दो बार ब्रह्माकुमारीज़ के मुख्यालय भी गया हूँ। मै कॉलेज के समय से ब्रह्माकुमारीज़ के कार्यो के बारे में सुनता रहा हूँ। अशांति की आंधी से गुजर रहे हैं, इसे दूर करने में पत्रकारिता की महत्वपूर्ण भूमिका हो सकती है। पत्रकारिता के सामने अपनी चुनौतियां हैं। ब्रह्माकुमारीज़ के मीडिया विंग का सराहनीय प्रयास है कि पत्रकारों में आध्यामिकता और सकरात्मकता को बढ़ाने का कार्य कर रहे हैं।
विशिष्ट अतिथि के रूप में देहरादून से पधारे श्रीमत एक्सप्रेस के मुख्य संपादक डॉ डी डी मित्तल ने कहा कि जब आपकी भावना में सद्भावना, शांति, शुभकामना आ जाती है, तब हम सकरात्मक पत्रकारिता करने लगते हैं। अफ़वाहों से बचें। फैक्ट चेक करें। मीडिया में पारदर्शिता और जिम्मेदारी तय हो।
रायपुर से आईं भारत एक्सप्रेस चैनल की स्थानीय संपादक प्रियंका कौशल ने कहा कि हमें अपने आचरण को इतना शुद्ध बनाना होगा कि समाज हम पर विश्वास जता सके।
यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट पालमपुर के अध्यक्ष संजीव बाघला ने कहा कि मुझे बहुत खुशी हुई कि आध्यात्मिकता से जुड़ी हुई ब्रह्माकुमारीज़ बहनों ने हमें बुलाया। हमें नकारात्मक व सकारात्मक दोनों ही तरह की खबरें लिखनी पड़ती है। हम खबर तो कर रहे हैं, पर फॉलो अप नहीं कर रहे हैं, यहीं से खबर का एक ही पक्ष सामने आता है।
छत्तीसगढ़ बन्धु रायपुर के संपादक मधुकर द्विवेदी ने कहा कि कस्बे और जिले स्तर के पत्रकारों की बहुत बड़ी भूमिका होती है। जिला स्तर के पत्रकार भारतीय पत्रकारिता की आत्मा है। जनता की हमसे बहुत अपेक्षा है कि हम निष्पक्ष, निडर, निर्भीक रहें।
हैदराबाद से पधारीं मीडिया विंग की उपाध्यक्ष बीके सरला ने आशीर्वचन देते हुए कहा कि आपको इस सभा में स्वयं आपको भगवान ने निमंत्रण देकर बुलाया है। मीडिया हरेक व्यक्ति से जुड़ा हुआ है। लोग आपसे प्रेम करते हैं। इसलिए आप जो परोसते हैं, वे स्वीकार करते हैं।
दिल्ली से पधारी वरिष्ठ राजयोगी शिक्षिका ब्रह्माकुमारी सुनीता दीदी ने राजयोग की शक्तिशाली अनुभूति करवाई। कुछ क्षणों के मेडिटेशन अभ्यास ने पत्रकार बन्धुओं को शांति की अनुभूति करवाई। मीडिया विंग छत्तीसगढ़ की स्टेट कॉर्डिनेटर बीके मंजू दीदी ने सेमिनार का सशक्त संचालन किया। आभार कैलाश मानसरोवर के इंचार्ज बीके तिलकराज भाई ने माना।

