
रायपुर। वेदांता पॉवर हादसे को लेकर नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने कहा कि भाजपा की सरकार में छत्तीसगढ़ में औद्योगिक सुरक्षा की स्थिति भगवान भरोसे छोड़ दिया गया है, मजदूरों की सुरक्षा पर ध्यान नहीं देने से दुर्घटनाएं हो रही। बहुत सामान्य धाराओं में एफआईआर हुआ है, जो कि जमानतीय है। 20 से अधिक लोग मरे है, दोषी पर केवल जमानतीय धारा लगाई गयी है। हमारी मांग है सदोष मानव वध की धारा लगाई जाये। सरकार बड़े उद्योपतियो के सामने नतमस्तक है। घटना की हम सरकार की जांच की घोषणा से संतुष्ठ नहीं है। इतनी बड़ी घटना की जांच एसडीएम कर रही है। हम मांग करते है हाईकोर्ट के सीटिंग जज से जांच कराया जाये। यह घटना मंत्री ओपी चौधरी के घर से 5 किलोमीटर पर है, वे ताकतवर मंत्री है, कभी उन्होंने कंपनी की सुरक्षा पर ध्यान देना जरूरी नहीं समझा। दुर्घटना हुई इसका मूल कारण लापरवाही और जांच की लापरवाही है। दुर्घटना सरकार की लापरवाही और अनुभवहीन लोगों के कारण हो रही है। पहले भी इसी वेदांता समूह के बॉल्को में 40 लोगों की मौत हुई, यहां भी 20 लोगों की मौत हुई है, यह प्रबंधन की लापरवाही है। ज्यादा मुनाफा कमाने प्रबंधन ने चीनी सामान का तथा विदेशो के कबाड़ लाकर फैक्ट्री बनाया। गलत तथा खराब मशीनरी के उपयोग के कारण दुर्घटना हुई है।
नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने मांग किया कि..
1. दोषियों पर 105 वीएनएस की धारा लगाई जाये।
2. न्यायिक जाँच, हाईकोर्ट के वरिष्ठतम रिटायर्ड जज से जांच कराई जाये।
3. उद्योग विभाग की तकनीकी टीम घटना के तकनीकी पहलू की जांच करे, सुरक्षा जाँच हो।
4. घायलों को मुंबई, कोयम्बटूर जैसे बड़े संस्थानो के वर्न यूनिट में ईलाज कराया जाये।
5. घटना के प्रारंभिक दोषी कंपनी के सीओ, सीईओ एवं यूनिट ऑपरेशन मुखिया को दोषी बनाया जाये।
नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने कहा कि, विधानसभा में मंत्री ओ.पी. चौधरी के दिये जानकारी अनुसार..
ऽ उद्योगिक घटनाएं – 296
ऽ खतरनाक उद्योग – 948
ऽ अति खतरनाक उद्योग – 32 है, और यह घटना उन्ही मंत्री जी के निवास से महज 05 कि.मी. के दूरी पर घटी है। 3 वर्ष में 296 लोग दुर्घटना शिकार हुये। सारी घटनाएं भाजपा सरकार के दौरान ही हो रही।
ऽ जब ये प्लांट भाजपा शासन के दौरान (2003-2018) प्रस्तावित हुए थे, तब नियमों में इतनी ढील दी गई कि पावर प्लांट के क्षेत्र में अनुभवहीन सेठों ने भी बैंक लोन लेकर प्लांट खड़े कर दिए।
ऽ चीनी मशीनरी – लागत घटाने के लिए इन प्लांट्स में चीन की कंपनियों के बॉयलर लगाए गए, जिनका मेंटेनेंस भारत में मुश्किल होता है और वह भी कबाड़ के सामान लगाये गये है।
ऽ सुरक्षा ऑडिट का अभाव सक्ति दुर्घटना के बाद यह साफ है कि भाजपा के समय लगे इन पुराने या कम गुणवत्ता वाले संयंत्रों का वेदांता ने अधिग्रहण तो कर लिया, लेकिन उनके सुरक्षा मानकों को अपग्रेड करने के बजाय केवल उत्पादन पर ध्यान दिया।
नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने छत्तीसगढ़ में औद्योगिक दुर्घटना से गंभीर रूप से घायलों के इलाज के लिये सर्वसुविधायुक्त बर्न हास्पिटल बनाने की मांग मुख्यमंत्री से किया है।