
रायपुर। लोकतंत्र सेनानी संघ के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सच्चिदानंद उपासने ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को पत्र लिखकर मांग की थी कि आपातकाल के तानाशाही शासन के कालखंड को कभी विस्मृत न होने दिया जाए। उस कालखंड में एक वैचारिक आंदोलन के तहत इक्कीस माह तक जेल की यातनाएं सहने वाले योद्धाओं के कारण ही लोकतंत्र बहाल हो सका। साथ ही, उपासने ने कहा कि 21 मार्च 1977 की तारीख को इतिहास के पन्नों में ‘लोकतंत्र विजय दिवस’ के रूप में हमेशा याद किया जाए। इस दिन देश के मतदाताओं ने भय और आतंक के साए में हुए लोकसभा चुनावों में अपने एक वोट की ताकत से तानाशाही राज समाप्त कर लोकतंत्र को पुनः स्थापित किया था।
इस हेतु उपासने ने प्रदेश सरकार को सुझाव दिया है कि जिला केंद्रों पर आपातकाल योद्धाओं की स्मृति में तथा 21 मार्च की स्मृति में ‘विजय स्तंभ’ बनाए जाएं। इन स्तंभों पर संबंधित जिले के आपातकाल योद्धाओं के नाम, फोटो एवं परिचय सहित अंकित किया जाए। साथ ही, लोकनायक जयप्रकाश नारायण की प्रतिमा स्थापित कर प्रतिवर्ष उक्त विजय स्तंभ पर शासकीय रूप से ‘लोकतंत्र विजय दिवस’ का आयोजन किया जाए।
मुख्यमंत्री ने उपासने के उक्त आवेदन पर त्वरित कार्यवाही प्रारंभ कर गृह विभाग को आवश्यक निर्देश जारी किए हैं। लोकतंत्र सेनानी संघ ने मुख्यमंत्री की इस सकारात्मक पहल का हार्दिक स्वागत किया है। उक्त जानकारी आलोक श्रीवास्तव , प्रदेश मीडिया प्रभारी ,लोकतंत्र सेनानी संघ छत्तीसगढ़ ने दी है।