जांजगीर चाम्पा। ग्राम करही गोलीकांड जांजगीर-चांपा पुलिस के लिए केवल एक हत्या का मामला नहीं था, बल्कि यह कानून व्यवस्था, जनता के पुलिस के प्रति विश्वास और पुलिस की कार्यक्षमता की सबसे कठिन परीक्षा थी। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में भय, आक्रोश और असुरक्षा का माहौल था। लगातार जनदबाव, आलोचनाएं, मीडिया की नजर, राजनीतिक एवं सामाजिक चर्चाओं के बीच सीमित सुरागों के बावजूद पूरी पुलिस टीम ने हार नहीं मानी, बल्कि इसे अपनी प्रतिष्ठा और जिम्मेदारी का विषय मानकर लगातार काम किया।
पुलिस सेवा में प्रतिदिन नई-नई और कठिन चुनौतियां सामने आती हैं, जिनका समाधान केवल कड़ी मेहनत, धैर्य, त्याग, मानसिक दृढ़ता और विपरीत परिस्थितियों से सामना करके ही संभव हो पाता है ग्राम करही में पिछले महीने हुए गोलीकांड भी ऐसा ही एक चुनौतीपूर्ण और यादगार प्रकरण रहा, जिसने पुलिस टीम की क्षमता, समर्पण और साहस की वास्तविक परीक्षा ली। यह घटना पुलिस सेवा के कैरियर और कैरियर में हमेशा एक महत्वपूर्ण और यादगार अध्याय के रूप में याद रखी जाएगी।
तपती गर्मी, लंबी दूरी की दबिश, अंधेरी रातों की निगरानी, घटनास्थल सुविधा विहीन गांव में विशेष कैंप, लगातार फील्ड मूवमेंट, 200 से अधिक CCTV फुटेज का विश्लेषण, तकनीकी साक्ष्यों का संग्रहण, साइबर एवं आसूचना टीम की सक्रियता और 07 राज्यों तक की गई जांच ने इस अंधे कत्ल की गुत्थी को सुलझाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कई बार जांच भटकी, कई बार परिस्थितियां प्रतिकूल रहीं, लेकिन टीम का धैर्य, साहस और समर्पण कभी कमजोर नहीं पड़ा।
“ऑपरेशन हंट” के तहत जिस रणनीतिक और आक्रामक तरीके से आरोपियों तक पहुंचकर उन्हें गिरफ्तार किया गया, वह जांजगीर-चांपा पुलिस की पेशेवर दक्षता, टीमवर्क और अपराधियों के प्रति जीरो टॉलरेंस नीति का सशक्त उदाहरण है। यह सफलता केवल आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं, बल्कि जनता के विश्वास, कानून की प्रतिष्ठा और पुलिस के सम्मान की जीत है।
इस उल्लेखनीय सफलता हेतु पुलिस महानिरीक्षक बिलासपुर रेंज बिलासपुर के कुशल मार्गदर्शन, समस्त राजपत्रित अधिकारियों,थाना प्रभारी गण, थाना स्टाफ, साइबर टीम, आसूचना इकाई, मीडिया एवं सहयोगी नागरिकों के योगदान को सादर नमन। जांजगीर-चांपा पुलिस भविष्य में भी इसी साहस, प्रतिबद्धता और जनविश्वास के साथ हर चुनौती का सामना करती रहेगी।
करही गोलीकांड में जांजगीर-चांपा पुलिस ने किया साहस और समर्पण से कार्य

