अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन की तैयारियों को लेकर जीवन विद्या परिवार की महत्वपूर्ण बैठक संपन्न

“चेतना विकास मूल्य शिक्षा संस्कार, परिवार मूलक स्वराज्य व्यवस्था का आधार” पर केंद्रित होगा आगामी सम्मेलन

रायपुर/अछोटी। मध्यस्थ दर्शन (सह-अस्तित्ववाद) के प्रकाश में देश भर में संचालित जीवन विद्या आधारित गतिविधियों के विस्तार और आगामी राष्ट्रीय सम्मेलन की रूपरेखा तैयार करने हेतु एक उच्च स्तरीय बैठक का आयोजन किया गया। सोम त्यागी, सुरेंद्र पाल, बीआर अग्रवाल, उम्मेद नाहटा, अंकित पोगुला , अवधेश पटेल, महावीर अग्रवाल, सुषमा गोयल, सुचित्रा श्रीवास्तव, मीना गाड़ोदिया, गोविंद पटेल, संकेत ठाकुर सहित अनेक वरिष्ठ अध्येताओं की उपस्थिति में आयोजित इस बैठक में सम्मेलन के स्वरूप, समितियों के गठन और मुख्य विषयों पर गंभीर चिंतन-मंथन हुआ।
सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य एवं थीम
इस बार के सम्मेलन की मुख्य थीम “चेतना विकास मूल्य शिक्षा संस्कार – परिवार मूलक ग्राम स्वराज्य व्यवस्था का का आधार (शिक्षा से व्यवस्था)” निर्धारित की गई है। सम्मेलन का उद्देश्य देश भर में हो रहे नवीन प्रयासों, शिक्षा और मानवीय जीवन शैली के प्रयोगों को एक साझा मंच प्रदान करना है। बैठक में यह तय किया गया कि पूरे देश का प्रतिनिधित्व करने के लिए एक ‘सम्मेलन समिति’ और स्थानीय व्यवस्थाओं के लिए ‘आयोजन समिति’ मिलकर काम करेगी।

सम्मेलन के मुख्य आकर्षण और रूपरेखा
सम्मेलन को और अधिक प्रभावी व व्यावहारिक बनाने के लिए इसके पारंपरिक स्वरूप में कुछ महत्वपूर्ण बदलाव किए जा रहे हैं:
मंच चर्चा में मुख्य मंच पर इस बार नए विषयों को शामिल किया जाएगा और नए व युवा अध्येताओं के साथ-साथ वरिष्ठ प्रौढ़ विचारकों को अपनी बात रखने का विशेष अवसर दिया जाएगा।
विशिष्ट प्रदर्शनियाँ (Exhibitions): सम्मेलन में मानवीय जीवन शैली, ए नागराज जी की जीवन यात्रा, मध्यस्थ दर्शन और व्यवस्था के पांच आयामों से जुड़े प्रयासों की रेंज को दर्शाने वाली प्रदर्शनियाँ लगाई जाएंगी। यहाँ उत्पादों की बिक्री न होकर केवल उनके समूह प्रयासों और उत्पादन की प्रदर्शनी होगी, ताकि नए लोग एक ही स्थान पर व्यापक सूचनाएं प्राप्त कर सकें।

केस स्टडी और समानांतर गोष्ठियां: सम्मेलन के दौरान विभिन्न राज्यों में हुए नए प्रयोगों, ग्रामीण प्रयासों और शिक्षण सामग्रियों की केस स्टडी प्रस्तुत की जाएगी। साथ ही प्रेरणादायक समानांतर गोष्ठियों और ‘मैत्री मिलन’ का भी आयोजन होगा। अंतिम दिन एक जनसभा (जनसंवाद) के लिए समय सुरक्षित रखा गया है।

विभिन्न व्यवस्था समितियों का गठन
सम्मेलन के सुचारू संचालन के लिए विभिन्न जिम्मेदारियों का विकेंद्रीकरण करते हुए कोर टीमों की घोषणा की गई:
विषय वस्तु (कंटेंट) व प्रदर्शनी टीम: संकेत जी, अंकित जी, महावीर जी और हर्ष जैन।
पंजीकरण (रजिस्ट्रेशन): अंकित जी (समन्वयक), राकेश जी और सूर्यकांत जी।
प्रचार-प्रसार समिति: छत्तीसगढ़ के विभिन्न क्षेत्रों से स्थानीय प्रतिनिधियों को प्रचार की कमान सौंपी गई है।गोविंद पटेल रायपुर , गेंदलाल कोकड़िया महासमुंद, कुमार साहू कांकेर, कमलेश चौहान कुम्हारी, चूड़ामणि साहू धमतरी, गौरीकांता साहू बालोद, नित्यानंद डनसेना रायगढ़, महावीर अग्रवाल दुर्ग-भिलाई, संजय पांडे बिलासपुर ।
आवास व्यवस्था: महावीर जी, चंद्रशेखर जी, सूर्यकांत जी,
यातायात व्यवस्था – धीरेंद्र जी, अवधेश पटेल, महीन राठौड़, हर्ष त्यागी सहित अन्य सहयोगियों की टीम

सांस्कृतिक समिति: पूनम साहू, हर्ष जैन, श्रेया शाह, सुचित्रा श्रीवास्तव और शुभ्रा ठाकुर के मार्गदर्शन में कलात्मक व मूल्य-आधारित सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ तैयार की जाएंगी।

टेंट व्यवस्था: बलवंत साहू, महावीर अग्रवाल, प्रतीक शाह को यह जिम्मेदारी दी गई है।

सजावट एवं स्वागत व्यवस्था – सुषमा गोयल, सुचित्रा श्रीवास्तव, सोनालिका अग्रवाल, चंद्रशेखर राठौड़

बजट कमेटी: रंजीत गाड़ोदिया जी, राकेश अग्रवाल जी, विनोद शर्मा, और महावीर जी वित्तीय प्रबंधन देखेंगे।

इसके अतिरिक्त 20 केंद्रों से 2-2 सदस्यों को मिलाकर एक बड़ी ‘स्वागत समिति’ होगी ।

क्षेत्रीय सम्मेलनों का भी होगा आयोजन
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि राष्ट्रीय सम्मेलन के पूर्व जन-जन तक पहुँच बनाने के लिए हर 15 दिनों में ‘क्षेत्रीय सम्मेलनों’ की श्रृंखला आयोजित की जाएगी। इसके तहत जुलाई माह में अछोटी व महासमुंद में, तथा सितंबर माह में आवरी व बेमेतरा में क्षेत्रीय सम्मेलनों का आयोजन संभावित है।

आगामी व्यवस्थाओं और समितियों की प्रगति की समीक्षा के लिए अगली बैठक अभ्युदय संस्थान अछोटी में 12 जुलाई को आयोजित की जानी प्रस्तावित है। बैठक के अंत में विभिन्न सहयोगियों और समूहों द्वारा सम्मेलन की सफलता हेतु प्रारंभिक वित्तीय सहयोग की घोषणाओं के लिए आभार व्यक्त किया गया।

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *