रायपुर। “शिक्षा का उजाला हर बच्चे के जीवन में खिल उठे! डू कर्मा वेलफेयर फाउंडेशन के साथ मिलकर हर बच्चे को उसकी सपनों की ओर बढ़ने का अवसर प्रदान कर रहे हैं। जहां आर्थिक सीमाएं अक्सर प्रभावशाली बच्चों की पढ़ाई में बाधा बन जाती हैं, वहीं रायपुर में युवा और पेशेवरों का एक समूह इन बच्चों को आगे बढ़ने का अवसर देने में जुटा हुआ है। डू कर्मा वेलफेयर फाउंडेशन (Do Karma Welfare Foundation) द्वारा शुरू की गई पहल के तहत शहर के 20 सरकारी स्कूलों के 280 से अधिक कक्षा 8वीं के छात्रों को ‘राष्ट्रीय साधन-सह-योग्यता छात्रवृत्ति (NMMS)’ के लिए नि:शुल्क मार्गदर्शन दिया गया, जिसकी परीक्षा 2 मई को आयोजित हुई। 
कई छात्रों के लिए यह छात्रवृत्ति परीक्षा केवल आर्थिक सहायता पाने का माध्यम नहीं, बल्कि अपने भविष्य को संवारने और कुछ हासिल करने का पहला बड़ा अवसर है। छात्रवृत्ति मिलने से न सिर्फ उनकी पढ़ाई में सहयोग मिलता है, बल्कि उनके भीतर उपलब्धि का भाव और आगे बढ़ने की प्रेरणा भी विकसित होती है।
इसी उद्देश्य से जनवरी से अप्रैल तक छात्रों के लिए नियमित अध्ययन सत्र, अभ्यास कक्षाएं और मॉक टेस्ट आयोजित किए गए, ताकि वे परीक्षा के स्वरूप को समझते हुए आत्मविश्वास के साथ इसमें भाग ले सकें। 
इस पहल की खास बात यह है कि इसमें 100 से अधिक युवा और विभिन्न क्षेत्रों के पेशेवर— जैसे इंजीनियर, शिक्षक, डॉक्टर, व्यवसायी और UPSC अभ्यर्थी—स्वेच्छा से अपना समय देकर बच्चों को रीजनिंग, गणित, विज्ञान और सामाजिक विज्ञान जैसे विषयों की तैयारी करा रहे हैं। बिना किसी शुल्क के, केवल समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के उद्देश्य से संस्था के सदस्य निरंतर बच्चों के साथ जुड़े हुए हैं। 
रायपुर के गुढ़ियारी, मोवा, कटोरा तालाब और भाटागांव जैसे क्षेत्रों के सरकारी स्कूलों में चल रही ये कक्षाएं आज कई बच्चों के लिए पढ़ाई जारी रखने का एक वास्तविक अवसर बन रही हैं।
संस्था के संस्थापक शुभम चौधरी ने कहा, “हर बच्चे में आगे बढ़ने की क्षमता होती है, बस उसे सही मार्गदर्शन और एक मौका चाहिए होता है। जब हम अपने समय का थोड़ा सा हिस्सा भी उनकी शिक्षा में लगाते हैं, तो वही छोटा सा प्रयास उनके पूरे भविष्य को बदल सकता है।”
इन कक्षाओं का प्रबंधन संभाल रहीं आकांक्षा शुक्ला ने बताया, “जब हम बच्चों के लिए लगातार काम करते हैं, तो साफ दिखता है कि उनमें सीखने की कितनी इच्छा है। उन्हें बस सही दिशा और थोड़ा सहयोग मिल जाए, तो उनका आत्मविश्वास अपने आप बढ़ने लगता है और वे खुद को बड़े लक्ष्य के लिए तैयार करने लगते हैं।”
डू कर्मा वेलफेयर फाउंडेशन की यह पहल केवल छात्रवृत्ति परीक्षा की तैयारी तक सीमित नहीं है, बल्कि यह रायपुर में शिक्षा के माध्यम से सामाजिक बदलाव की एक मजबूत दिशा बन रही है। इसी सोच को आगे बढ़ाते हुए संस्था अपने ‘लेट्स डोनेट’ अभियान के जरिए अधिक से अधिक लोगों को बच्चों की शिक्षा से जोड़ने का प्रयास कर रही है।