कोरबा। कोरबा “बुका” में जल, जंगल और जमीन पर आदिवासियों के अधिकारों की रक्षा के लिए एक ‘महासम्मेलन’ आयोजित किया गया। इसमें नेताप्रतिपक्ष डॉ चरणदास महंत, सांसद जोत्सना महंत, कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज, पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंह देव सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं की भी उपस्थिति रही। इस दौरान डॉ महंत ने कहा कि हसदेव (मिनीमाता बांगो) जलाशय सहित प्रदेश के विभिन्न जलाशयों से विस्थापित आदिवासी भाई-बहनों, पारंपरिक मछुआरा समुदायों और मत्स्य समितियों के अधिकारों की लड़ाई में हम उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हैं। उन्होंने सरकार पर हमला करते हुए कहा कि राज्य सरकार को मत्स्य नीति वापस लेनी होगी और जलाशयों की ठेका प्रणाली बंद करनी होगी। जल-जंगल-जमीन पर पहला हक स्थानीय मूलनिवासियों का है!
इस कार्यक्रम में पीसीसी अध्यक्ष दीपक बैज, पूर्व उपमुख्यमंत्री टी.एस. सिंहदेव , कोरबा सांसद श्रीमती ज्योत्सना महंत , पूर्वमंत्री जयसिंह अग्रवाल, पूर्वमंत्री प्रेमसाय टेकाम , विधायक जनकराम ध्रुव, हरीश परसाई , प्रशांत मिश्रा, राजकिशोर प्रसाद , आदित्य शरण सिंहदेव , पुत्र सूरज महंत एवं अनेक गणमान्य जन उपस्थित थे।
मछुआरा समुदायों और मत्स्य समितियों के अधिकारों की लड़ाई में हम उनके साथ बोले डॉ महंत

