मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बिलासपुर में निर्माणाधीन नालंदा परिसर एवं एजुकेशन हब का किया निरीक्षण

120 करोड़ रुपये की परियोजना युवाओं को देगी अध्ययन, आवास और प्रतियोगी परीक्षा तैयारी की सर्वश्रेष्ठ सुविधाएं

बिलासपुर बनेगा प्रदेश का प्रमुख एजुकेशन हब : युवाओं के सपनों को मिलेगी नई उड़ान

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सुशासन तिहार 2026 के अंतर्गत आज बिलासपुर प्रवास के दौरान मधुबन-जूना बिलासपुर क्षेत्र में निर्माणाधीन नालंदा परिसर एवं एजुकेशन हब का निरीक्षण कर परियोजना की प्रगति का जायजा लिया। उन्होंने निर्माण कार्यों का अवलोकन करते हुए अधिकारियों को गुणवत्ता और समयबद्धता के साथ कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह परियोजना प्रदेश के युवाओं के लिए अवसरों के नए द्वार खोलेगी और बिलासपुर को शिक्षा एवं प्रतियोगी परीक्षा तैयारी के एक प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित करेगी।

इस अवसर पर केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री तोखन साहू, उप मुख्यमंत्री अरुण साव, विधायक अमर अग्रवाल, धरमलाल कौशिक, सुशांत शुक्ला, जिला पंचायत अध्यक्ष  राजेश सूर्यवंशी, महापौर श्रीमती पूजा विधानी, मुख्यमंत्री के सचिव पी. दयानंद, विशेष सचिव रजत बंसल, संभागायुक्त सुनील जैन, पुलिस महानिरीक्षक रामगोपाल गर्ग, कलेक्टर संजय अग्रवाल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह सहित जनप्रतिनिधि एवं वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

उल्लेखनीय है कि बिलासपुर में प्रतिवर्ष बड़ी संख्या में विद्यार्थी सीजीपीएससी, यूपीएससी, नीट, जेईई, एसएससी, बैंकिंग, व्यापम तथा अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए आते हैं। इन विद्यार्थियों को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और आधुनिक अध्ययन वातावरण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से लगभग 13 एकड़ शासकीय भूमि पर 120 करोड़ रुपये की लागत से अत्याधुनिक एजुकेशन हब विकसित किया जा रहा है।

परियोजना के अंतर्गत नालंदा डिजिटल पब्लिक लाइब्रेरी, 300-300 सीटर बालक एवं बालिका छात्रावास, आधुनिक शैक्षणिक ब्लॉक तथा विद्यार्थियों की आवश्यकताओं के अनुरूप अन्य सुविधाओं का निर्माण किया जा रहा है। एक ही परिसर में अध्ययन, आवास और शैक्षणिक संसाधनों की उपलब्धता विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए उत्कृष्ट वातावरण प्रदान करेगी। इससे प्रदेश के विभिन्न जिलों से आने वाले विद्यार्थियों को विशेष लाभ मिलेगा।

अधिकारियों ने बताया कि परिसर में 48 बड़े रेंटल हॉल का निर्माण भी किया जा रहा है। इससे नगर निगम के लिए दीर्घकालिक और स्थायी आय का स्रोत विकसित होगा। पीपीपी मॉडल पर विकसित की जा रही इस परियोजना का संचालन वित्तीय दृष्टि से भी आत्मनिर्भर होगा तथा नगर निगम पर अतिरिक्त आर्थिक भार नहीं आएगा।

निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की महत्वपूर्ण भूमिका है। राज्य सरकार युवाओं को बेहतर संसाधन, आधुनिक अधोसंरचना और प्रतिस्पर्धी वातावरण उपलब्ध कराने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि नालंदा परिसर एवं एजुकेशन हब केवल एक भवन परियोजना नहीं, बल्कि युवाओं के सपनों और आकांक्षाओं को नई दिशा देने वाला ज्ञान केंद्र है।

मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि परियोजना पूर्ण होने के बाद बिलासपुर की पहचान प्रदेश ही नहीं, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर एक प्रमुख शैक्षणिक एवं प्रतियोगी परीक्षा तैयारी केंद्र के रूप में स्थापित होगी। यह एजुकेशन हब हजारों विद्यार्थियों को बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के साथ उनके उज्ज्वल भविष्य की मजबूत आधारशिला बनेगा।

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