रायपुर । रायपुर निवासी और बी टी आई भिलाई से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग मे ग्रेजुएट मध्यप्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी (एमपी ट्रांसको) के कार्यपालन अभियंता इंजी. हितेश कुमार तिवारी का शोध पत्र प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय जर्नल, द इंस्टीट्यूशन ऑफ इंजीनियर्स (इंडिया): सीरीज बी, मे प्रकाशित हुआ है यह जर्नल इंस्टीट्यूशन ऑफ इंजीनियर्स (इंडिया) के स्वामित्व में है और स्प्रिंगर नेचर जर्मनी और स्प्रिंगर इंडिया द्वारा प्रकाशित किया जाता है।
इस अंतरराष्ट्रीय जर्नल में वैज्ञानिक और आर्थिक विकास को बढ़ावा देने वाली जानकारी/शोधपत्र को प्रसार के लिए प्रकाशित किया जाता है।
“ऑप्टिमाइज्ड ट्रांसमिशन सिस्टम नेटवर्क डिजाइन फॉर एफिशिएंट पावर इवैक्यूएशन फ्रॉम 250 मेगावाट फ्लोटिंग सोलर पार्क” शीर्षक के इस शोध पत्र में 250 मेगावाट फ्लोटिंग सोलर पार्क से उत्पादित विद्युत ऊर्जा के कुशल, विश्वसनीय एवं किफायती पावर निकासी के लिए एक ऑप्टिमाइज्ड ट्रांसमिशन सिस्टम नेटवर्क का खाका प्रस्तुत किया गया है।
इस शोध में इंजी. हितेश कुमार तिवारी के साथ जीएलए विश्वविद्यालय, मथुरा के प्रोफेसर डॉ. संजय कुमार मौर्य एवं ज्ञान गंगा प्रौद्योगिकी एवं विज्ञान संस्थान, जबलपुर के प्रोफेसर डॉ. राजीव कुमार चौहान सह-लेखक हैं। अध्ययन में जेनेटिक एल्गोरिद्म आधारित ऑप्टिमाइजेशन तकनीक तथा पीएसएसई सिमुलेशन का उपयोग करते हुए ट्रांसमिशन लाइन रूटिंग, उपयुक्त वोल्टेज लेवल चयन तथा पावर सिस्टम स्टेबलाइजर की स्थापना का विश्लेषण किया गया है।
अंतर्राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप शोध
प्रस्तावित नेटवर्क की विश्वसनीयता का परीक्षण एन-1 कंटिनजेंसी एनालिसिस के माध्यम से किया गया, जिसमें किसी एक प्रमुख घटक के बंद हो जाने की स्थिति में भी निर्बाध विद्युत निकासी सुनिश्चित करने की क्षमता का मूल्यांकन किया गया। विशेषज्ञों ने इस समाधान को तकनीकी एवं आर्थिक रूप से व्यवहारिक तथा अंतरराष्ट्रीय विश्वसनीयता मानकों के अनुरूप पाया ।
वर्तमान में प्लानिंग एवं डिजाइन विभाग में पदस्थ इंजी. हितेश कुमार तिवारी का यह शोध रिन्यूअल इनर्जी के ग्रिड इंटीग्रेशन तथा भविष्य की ग्रीन एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास में महत्वपूर्ण योगदान माना जा रहा है। यह उपलब्धि एमपी ट्रांसको तथा मध्यप्रदेश के विद्युत क्षेत्र के लिए गौरव का विषय है जिस पर विद्युत क्षेत्र के विशेषज्ञों ने उन्हें बधाई दी है।