रायपुर । छत्तीसगढ़ कांग्रेस में बदलाव का एक पड़ाव प्रवक्ताओं की पदोन्नति से शुरू हो गया। मीडिया में अपना पक्ष रखना फिलहाल उसकी सबसे बड़ी चुनौती समझी जा रही थी। यही कारण है कि प्रवक्ताओं को पदोन्नत कर उन्हें प्रभावी बनाने की कोशिश की गई है। मुख्य प्रवक्ता के तौर पर अमित श्रीवास्तव, आरपी सिंह व सुरेंद्र वर्मा और धनंजय सिंह का नाम सामने किया गया है। हालांकि यहां एक प्रयोग ओर किया गया है वरिष्ठ प्रवक्ता बनाकर । जो गुटीय संतुलन बनाए रखने का फार्मूला हो सकता है। इस बदलाव में एक बात समझने की है कि मुख्य प्रवक्ता के तौर पर अमित श्रीवास्तव जैसे नेताओं को आगे रख पार्टी ने संदेश देने की कोशिश की है कि अब कानून के जानकार और बेबाकी से बात रखने वाले लोग पार्टी की पसंद बने हैं। अपने शायराना अंदाज में विरोधियों को जवाब देने वाले अमित श्रीवास्तव डिबेट में हर बात को तर्क सहित जवाब देते हुए अपनी पार्टी का पक्ष रखने में कोई कसर नहीं छोड़ते। सूत्रों का कहना है कि अमित श्रीवास्तव को लंबे समय से कांग्रेस मुख्य भूमिका में लाने की तैयारी कर रही थी। लेकिन जैसा कि कांग्रेस की राजनीति में पसंद न पसंद का खेल चलता है उस कारण मामला लटक रहा था। अमित श्रीवास्तव राजनीतिक गलियारों में दिल्ली तक दखल रखते हैं। प्रदेश में वो प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज और नेता प्रतिपक्ष डॉ चरण दास महंत की गुडबुक में ऊपर हैं। एक से भले दो…दो से चार
कांग्रेस में कोई बात नहीं छुपती वो फिर अंदर की हो या बाहर की। इस पदोन्नति में भी ऐसा ही हुआ। सूत्रों का कहना है कि पहले तो अमित श्रीवास्तव का ही मुख्य प्रवक्ता के तौर पर तय किया गया था। लेकिन बात लीक हो गई और दूसरे नाराज न हो जाए इस लिए एक से भले दो…ओर दो से भले चार हो गए।