शंकर पांडे ( वरिष्ठ पत्रकार) 
रायपुर के चौथे कलेक्टर अब छ्ग के मुख्य सचिव बन गये हैं।रायपुर में ही कलेक्टर रहे विकासशील मुख्य सचिव बन गये हैं। रायपुर के कलेक्टर रहे अजीत जोगी छ्ग के पहले सीएम बने,तो रायपुर के कलेक्टर रहे नजीबजंग दिल्ली के उप राज्यपाल बने, छ्ग बनने के बाद रायपुर के कलेक्टर रहे सुनील कुमार, आर पी मण्डल,अभिताभ जैन भी छ्ग के मुख्यसचिव बनचुके हैं।रायपुर में ही काफ़ीपहले कलेक्टर रहे सी.ऍम.त्रिवेदी बाद में सीपी एंड बरार के मुख्य सचिव बनने में सफल रहे,आजादी के बाद रायपुर के कलेक्टर रहे सुशीलचंद्र वर्मा बाद में मप्र के मुख्य सचिव भी बने थे।आईएएस विकासशील छग के नए मुख्य सचिव बन गए हैं। यह बात और है कि वरिष्ठ आईएएस रेणु पिल्ले को उनके नियम क़ानून सेचलने की आदत भारी पड़ी तो सुब्रतसाहू को पूर्वसीएम की निकटता इस पद से दूर कर दिया खैर सीएस बनना तो किस्मत की बात है,नये सी एस विकासशील का जन्म 10 जून 1969 को हुआ।इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में एमई डिग्री हासिल की है।1994 बैच के आईएएस हैं।मप्र कैडर से शुरुआत की थी,बाद में छत्तीसगढ़ कैडर में बदल गया,कोरिया बिलासपुर,रायपुर जिलों के कलेक्टर, स्कूल शिक्षा, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति, सामान्य प्रशासन, स्वास्थ्य विभागों के सचिव पद पर तैनात रहे हैं।
छ्ग आईएएस कुछ जेल
गये, कुछ की तैयारी…..

छत्तीसगढ़ के 27 आईए एस और 24 आईएफएस अफसरों पर भ्रष्टाचार केस दर्ज हैं। किसी ने भ्रष्टाचार किया तो किसी ने कमीशन खोरी की है। इनके खिलाफ ईओडब्ल्यूूूूूूूूूूू, विभागीय जांच चल रही है।कुछ कोआरोपी बनाकर सलाखों के पीछे भी पहुंचा दिया गया है,तो कुछ जमानत पर हैं।जिन अफसरों की विभागीय जांच चल रही है,अभी भी मलाईदार पदों पर बैठे हैं।इधर कुछ आईपीएस भी जाँच के दायरे में हैं।*शराब घोटाला -पूर्व आईएएस निरंजन दास को 2,500 करोड़ रुपये के शराब की बिक्री अन्य अनियमितता के आरोप में गिरफ्तार भी किया गया है। इस मामले में गिरफ्तार होने वाले दूसरे पूर्व आईएएस हैं,ईओडब्ल्यू एवं एसीबी ने प्रदेश में हुए शराब घोटाले में सेवानिवृत आईएएस अनिल टुटेजा के भी खिलाफ एफआईआर दर्ज किया है। ईडी, इस प्रकरण में पहले गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। इस घोटाले में टुटेजा को शराब घोटाले से मिलने वाली बड़ी रकम से लाभांवित होने का आरोप है।साथ सिंडीकेटका प्रमुख आरोपी बताया गया है।*नान घोटाला-पूर्व आईए एस डॉ आलोक शुक्ला, अनिल टुटेजा को ईडी ने गिरफ्तार किया है।डॉशुक्ला को नान घोटाले में शामिल होने के आरोप में गिरफ्तार कियागया,जबकि अनिल टुटेजा की इसी मामले में गिरफ्तारी हो गई है।*कस्टम मिलिंग घोटाला- मार्कफेड के एमडी (केंद्रीय सेवा के अधिकारी) मनोज सोनी को जेल भेजा गया है।आरोप है कि कस्टम मिलिंग के एवज में 20 ₹ प्रति क्विंटल, राइस मिलरों से वसूली होती थी।जमा रकम पर मिलरों को बिल का भुगतान किया जाता था।*छ्ग पीएससी घोटाला – पूर्व आईएएस टामनसिंह सोनवानी,पीएससी सचिव रहे पूर्व आईएएस जीवन लाल ध्रुव, कविता वासनिक को सीबीआई ने गिरफ्तार किया है।उन पर आरोप है योग्य अभ्यर्थियों की उपेक्षा कर नेताओं,वरिष्ठ अफसरों के करीबियों को डिप्टी कले क्टर, डीएसपी और अन्य पदों पर चयनित किया।मामले में जांच एजेंसियां आगे की कार्रवाई कर रही हैं,कई अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी भी हुई है।*कोल स्कैम घोटाला-निलंबित आईएएस समीर विश्वोई को खनिजविभाग पीट पास और परिवहन पास जारी कर वसूली करने के आरोप में जेल भेजा गया।570 करोड़ रुपए के स्कैम में समीर की बड़ी भूमिका भी बताई गई है। वहीं,अवैध वसूली के जरिए आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने की जांच चल रही है।राज्य सेवा के अधिकारी अरुणपति त्रिपाठी को जेल भेजा गया है।जांच में शराब डिस्टलरी,अन्य कंपनियों से वसूली करने,अवैध तरीके से शराब दुकानों तक लेब लिंग की गई।शराब वितरण वसूली की रकम से लाभां वित होने का आरोप है।*अवैध वसूली -राज्य सेवा की निलंबित अधिकारी सौम्या चौरसिया को कोल स्कैम में जेल भेजा है।आय से अधिक संपत्ति मामले में जमानत मिली है। सौम्या को पूर्व सीएम की काफी करीबी, दंबग माना जाता था।अपनी रसूख के चलते कोयला घोटाले में अवैध वसूली करने वालों को संर क्षण देने, हिस्सा पहुंचाने के आरोप में जेल भेजा गया था।*डीएमएफऔर कोयला घोटाला-ईओडब्ल्यू ने निलं बित आईएएस रानू साहू के खिलाफ आय से अधिक सम्पति, कोयला घोटाले में एफआईआर दर्ज किया है। ईडी द्वारा कोयला घोटाले में जेल भेजे जाने के बाद ई ओडब्ल्यू भी जांच कर रही है। कोल परिवहन में व्या पारियों से वसूली करने के लिए ऑन लाइन मिलने वाले परमिट कोऑफलाइन करने का आरोप है।इसके जरिए 25 ₹ प्रति टन के हिसाब से अवैध वसूली में रानू साहू सहित अन्य लोग जेल भेज गए थे। वहीं डी एमएफ घोटाले की जांच भी चल रही है।*आरोपियों को संरक्षण देने का आरोप- एसीबी/ईओडब्ल्यू ने पूर्व आईएएस अनिल टुटेजा,डॉ आलोक शुक्ला और पूर्व महाधिवक्ता सतीशचंद्र वर्मा के खिलाफ अपराध दर्ज किया है।एफआईआर, उक्त तीनों के वाट्सअप चैट के आधार पर दर्ज की गई है। ईडी प्रतिवेदन के आधार पर ईओडब्ल्यू ने नागरिक आपूर्ति निगम (नान) मेंबड़ी गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए अपराध दर्ज किया है।इसमें पूर्व कांग्रेस सरकार के समय सतीशचंद्र वर्मा समेत दोनों सेवानिवृत आई एएस पर पद का दुरुपयोग करते हुए गड़बड़ी करने का आरोप हैं। ईओडब्ल्यू की एफआईआर में बताया गया कि साल 2019-20 में हाई कोर्ट में दूषित तरीके से अग्रिम जमानत भी हासिल की गई है, जिसका वाट्स अप चैट समेत कई सबूत ईओडब्ल्यू के हाथों लग चुका है।
एनजीओ घोटाला
मामला सीबीआई को…
इधर छत्तीसगढ़ के समाज कल्याण विभाग से करोडों रुपये के कथित एनजीओ घोटाले में छ्ग हाईकोर्ट ने सीबीआई को जांच सौंपने का महत्वपूर्ण आदेश दिया है।जस्टिस पीपीसाहू,संजय कुमार जायसवाल की डिवी जन बेंच ने 2018 सेलंबित जनहित याचिका पर सुन वाई करते हुए इसे गंभीर और संगठित अपराध करार दिया।अदालत ने स्पष्टकिया कि स्थानीय एजेंसियों या पुलिस से ऐसी जटिल जांच संभव नहीं है इसलिए सीबी आई ही निष्पक्ष जांच कर सकती है।यह मामला राज्य स्त्रोत नि:शक्तजन संस्थान से जुड़ा है,जहां फर्जीएनजी ओ के नाम पर सरकारी योजनाओं के फंड का दुरु पयोग किया गया, घोटाले में पूर्व मुख्यसचिव विवेक ढांड,आलोक शुक्ला, एमके राउत,सुनील कुजूर, बीएल अग्रवाल, पीपीसोती सहित 11 वरिष्ठ आईएएस और राज्य सेवा अधिकारी फंसे हैं।अन्य नामों में राजेश तिवारी,सतीश पांडे,अशोक तिवारी,हरमन खलखो, एम एल पांडेय पंकज वर्मा भी शामिल हैं,इन अधिकारियों ने सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुमति याचिका एसएलपी दायर कर सीबीआई जांच पर रोक लगाने की कोशिश की, लेकिन शीर्ष अदालत ने मामला हाईकोर्ट को ही वापस भेज दिया।
कोरबा कलेक्टर के खिलाफ भाजपा
के बुजुर्ग नेता का मोर्चा…
दिग्गज भाजपा नेता, कई बार मंत्री रह चुके ननकी राम कंवर ने कोरबा के कलेक्टर के खिलाफ सीधा मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने सीएम विष्णुदेव साय को चिट्ठी लिखी है, हालांकि इस शिकायत पर कमिश्नर बिलासपुर से प्रतिवेदन माँगा गया है। वैसे कलेक्टर अजित बसंत को नहींहटाने पर कंवर ने धरने पर बैठने की भी चेतावनी दी है।ये वहीं कलेक्टर अजित बसंत हैं जिनकी एक तस्वीर वाय रल हुई थी जिसमें वे राज्य पाल रमेन डेका के साथ ही सोफे पर बैठे हुए थे, सामने ननकीराम कंवर खड़े हुए थे। कंवर ने अपनी चिट्ठी में बसंत के लिए ‘हिटलर प्रशा सक’ विशेषण का प्रयोग किया है। कंवर ने 4 पेज की एक चिट्ठी सीएम को लिखी है जिसमें उन्होंने साफ लिखा कि वे अजित के खिलाफ कई मामले सर कार के संज्ञान में ला चुके हैं, सरकार का मौन रहना यह बताता है कि उक्त अफ सर को सरकार में बैठे नेता, अफसरों का संरक्षण मिल रहा है।चिट्ठी में कंवर ने कलेक्टर के खिलाफ 14 आरोप लगाए जिसमें स्वयं से दुर्व्यवहार से लेकर सम र्थकों के खिलाफ दुर्भावना वश कार्रवाई करने, भ्रष्टा चार के बड़े आरोप लगाए हैं।
और अब बस…..
0 किस आईपीएस को पूछताछ के लिये तलब किया गया है…?
0 रिटायर सीएस अभिताभ जैन का पुनर्वास तय माना जा रहा है।
0 कोरबा जिले में एसआई ए ने नक्सली नेटवर्क पर बड़ी कार्रवाई करते हुए रामा इच्छा को गिरफ्तार किया है,जो कोयला खदान में मजदूर बन नक्सलियों को फंडिंग और समर्थन दे रहा था।