रायपुर। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे रायपुर रेल मंडल में घोषित केन्द्रीय बजट के ऊपर रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव द्वारा छत्तीसगढ़ राज्य को मिले बजट में रेल के बारे में रायपुर रेल मंडल में आयोजित प्रेस वार्ता मैं ऑनलाइन वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से रायपुर रेल मंडल के सभागार में उपस्थिति मीडिया सदस्यों से ऑनलाइन चर्चा कर मीडिया कर्मियों को संबोधित किया। इस अवसर पर रायपुर रेल मंडल के मंडल रेल प्रबंधक दयानंद ने स्थानीय मीडिया के सदस्यों से रेल को मिले बजट पर चर्चा की। इस बार छत्तीसगढ़ को 7470 करोड रुपए का बजट आवंटित हुआ। छत्तीसगढ़ में 51080 करोड़ के प्रोजेक्ट सैंक्शन है। बस्तर से जगदलपुर परियोजना शुरू हो रही है।
परमालकसा खरसिया रेल परियोजना फ्रेट कॉरिडोर में महत्वपूर्ण है।
फ्रेट कॉरिडोर वेस्ट बंगाल से उड़ीसा- छत्तीसगढ़ को जोड़ेगा
आने वाले समय में रेल इंफ्रास्ट्रक्चर में बढ़ोतरी से छत्तीसगढ़ में पैसेंजर मेल एक्सप्रेस की संख्या डबल हो जाएगी।
इस अवसर पर रायपुर रेल मंडल के मीडिया संवाददाता, अपर मंडल रेल प्रबंधक बजरंग अग्रवाल सहायक वाणिज्य प्रबंधक अविनाश कुमार आनंद, वरिष्ठ प्रचारक निरीक्षक शिवप्रसाद एवं रायपुर मंडल के जनसंपर्क कर्मी भी उपस्थित रहे। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री साय ने जताया आभार
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने रेल बजट को लेकर कहा कि 2014 से अब तक करीब 1,200 किलोमीटर नए रेल ट्रैक का निर्माण, 100 प्रतिशत विद्युतीकरण, 170 फ्लाईओवर/अंडरपास तथा कवच जैसी आधुनिक सुरक्षा प्रणालियों की स्थापना से रेल सुविधा के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हो रहा है। मुख्यमंत्री साय ने रेल बजट को लेकर कहा कि बस्तर में जगदलपुर को जोड़ने वाले रावघाट-जगदलपुर रेल प्रोजेक्ट का शुरू होना बस्तर के जनजातीय समाज के लिए केंद्र सरकार की ओर से एक अमूल्य उपहार है। उन्होंने कहा कि जो क्षेत्रीय विकास की नई राह प्रशस्त करेगा ओर इससे नई रहा आसान होगी।
51 हजार करोड़ के प्रोजेक्ट
रेलवे से जुड़े 51 हजार 80 करोड़ रुपए के प्रोजेक्ट्स को स्वीकृति मिल चुकी है, जिन पर काम तेजी से चल रहा है। इन परियोजनाओं का उद्देश्य छत्तीसगढ़ को देश के प्रमुख औद्योगिक और व्यापारिक केंद्रों से मजबूत रेल कनेक्टिविटी देना है। रेल मंत्री ने कहा कि पैसेंजर ट्रेनें बढ़ेंगी
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि आने वाले समय में छत्तीसगढ़ में पैसेंजर, मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों की संख्या दोगुनी की जाएगी। इससे यात्रियों को बेहतर कनेक्टिविटी और अधिक विकल्प मिलेंगे। नया बड़ा कॉरिडोर होगा विकसित
परमलकसा से खरसिया तक एक बड़ा रेलवे कॉरिडोर विकसित किया जा रहा है। यह कॉरिडोर पश्चिम बंगाल, ओडिशा, छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश को आपस में जोड़ेगा, जिससे माल परिवहन और यात्री यातायात दोनों को गति मिलेगी। नए कॉरिडोर के जरिए चार राज्यों के बीच सीधा रेल संपर्क स्थापित होगा। इससे न केवल उद्योगों को फायदा मिलेगा, बल्कि लंबी दूरी की यात्रा भी अधिक सुगम और तेज होगी।