इंदौर। इंदौर की वर्षों पुरानी मिलें भले ही बंद हो चुकी हों, लेकिन मिल मजदूर साथियों ने अपनी धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं को आज भी जीवित रखा है। अनंत चतुर्दशी पर्व पर निकलने वाली झिलमिल झांकियां, आकर्षक डोल, अखाड़े और मधुर बैंड आज भी उसी श्रद्धा और उत्साह के साथ तैयार किए जा रहे हैं।
इस वर्ष भी हुकुमचंद मिल, कल्याण मिल, स्वदेशी मिल, मालवा मिल सहित अन्य स्थानों पर गणेश पूजन के साथ झांकियों के निर्माण का शुभारंभ किया गया। मजदूरों ने बताया कि महंगाई के कारण इस बार निर्माण लागत में 10 से 15 प्रतिशत तक की वृद्धि हुई है।
इसी परिस्थिति को दृष्टिगत रखते हुए पूर्व मंत्री एवं वरिष्ठ कांग्रेस नेता सज्जन सिंह वर्मा ने इस वर्ष भी परंपरा अनुसार मिल मजदूर समितियों को आर्थिक सहयोग प्रदान करने के लिए उनकी अनुपस्थित मे उनके प्रतिनिधि के रूप मे पवन वर्मा द्वारा कल्याण मिल, हुकुमचंद मिल, मालवा मिल एवं स्वदेशी मिल की समितियों को 25-25 हजार रुपये की राशि भेंट कर मजदूरों का हौसला बढ़ाया।
इस अवसर पर कल्याण मिल से हरनाम सिंह धारीवाल, देवी सिंह सेंगर, मालवा मिल से कैलाश कुशवाह, सुरेन्द्र शर्मा, विजय पटेल, लक्ष्मीनारायण पाठक, हुकुमचंद मिल से नरेंद्र श्रीवंश, किसन बोकरे, स्वदेशी मिल से कन्हैयालाल मरमट, गेंदा लाल वर्मा सहित प्रमुख पदाधिकारी उपस्थित रहे।
सहयोग राशि प्रदान करते हुए सज्जन सिंह वर्मा ने कहा:
“इंदौर की पहचान केवल उद्योगों और विकास कार्यों से नहीं, बल्कि यहां की सांस्कृतिक धरोहर और श्रमिकों की आस्था से है। विपरीत आर्थिक परिस्थितियों के बावजूद हमारे मिल मजदूर भाई जिस समर्पण से इस परंपरा को जीवित रखे हुए हैं, वह प्रेरणादायी है। कांग्रेस पार्टी हमेशा उनके साथ खड़ी रहेगी।”
परंपरा को मिल रहा संबल..
इंदौर की मिल झांकियां केवल धार्मिक आस्था ही नहीं, बल्कि शहर की सांस्कृतिक पहचान और श्रमिकों की जीवंत परंपरा का प्रतीक हैं।
इस अवसर पर प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता राजेश चौकसे, पवन वर्मा, गिरधर नागर, अफसर पटेल, प्रदेश प्रवक्ता अमित चौरसिया, गुड्डू ठाकुर, संजय भदौरिया, राजेंद्र मरमट, संतोष वर्मा, श्याम भूरहा, मनोज कुशवाह सहित बड़ी संख्या में मिल मजदूर साथीगण उपस्थित रहे।