संतों की सुरक्षा को लेकर पूर्व केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री अरुण यादव ने उठाई न्यायिक जांच की मांग

20 मई की हृदयविदारक घटना पर जताया गहरा शोक, “संत सुरक्षा नीति” लागू करने की मांग

भोपाल/खरगोन। पूर्व केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री एवं मध्य प्रदेश कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष अरुण यादव ने 20 मई को हुई जैन संत समाज की हृदयविदारक घटना पर गहरा दुःख व्यक्त करते हुए इसे केवल एक सड़क दुर्घटना नहीं, बल्कि पूरे देश की आस्था, संस्कृति और मानवता को झकझोर देने वाली घटना बताया है।

श्री यादव ने अपने शोक संदेश में कहा कि पूज्य श्रुति मति माता एवं उपशममति माता जी का असामयिक समाधि मरण अत्यंत पीड़ादायक एवं दुखद है। उन्होंने कहा कि जो साध्वी माताएं अहिंसा, संयम, धर्म और मानवता का संदेश देते हुए पैदल विहार कर रही थीं, उन्हें तेज रफ्तार वाहन द्वारा कुचल दिया जाना अत्यंत गंभीर एवं चिंताजनक विषय है।

उन्होंने कहा कि यह घटना केवल एक सामान्य सड़क हादसा मानकर नजरअंदाज नहीं की जा सकती। इसकी निष्पक्ष, उच्च स्तरीय एवं गहन जांच होना आवश्यक है, ताकि सच्चाई देश के सामने आ सके और दोषियों को कठोरतम सजा मिल सके। पूर्व मंत्री अरुण यादव  ने शासन-प्रशासन से मांग की कि मामले की न्यायिक जांच अथवा विशेष जांच दल (SIT) के माध्यम से विस्तृत जांच कराई जाए। साथ ही घटना से जुड़े सभी डिजिटल एवं CCTV साक्ष्यों को सुरक्षित रखा जाए, ताकि जांच प्रक्रिया प्रभावित न हो।

उन्होंने देशभर में पैदल विहार करने वाले साधु-संतों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि अब समय आ गया है कि सरकार संत समाज की सुरक्षा हेतु एक सख्त एवं प्रभावी “संत सुरक्षा नीति” लागू करे, जिससे भविष्य में इस प्रकार की दुखद घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।

श्री यादव ने कहा कि “संतों की सुरक्षा राष्ट्र की जिम्मेदारी है और न्याय मिलना हर पीड़ित का अधिकार।” उन्होंने दिवंगत साध्वी माताओं को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए शोकाकुल जैन समाज एवं श्रद्धालुओं के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त कीं।

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