परों को खोल जमाना उड़ान देखता है….. जमीं पर बैठकर क्या आसमान देखता है….!

शंकर पांडे ( वरिष्ठ पत्रकार )   

पीएम नरेंद्र मोदी ने छ्ग के राज्योत्सव, बाद में डीजीपी, आईजी कॉन्फ्रेंस में जिस तरह से पूर्व सीएम, वर्तमान विधानसभा अध्यक्ष डॉ रमन सिंह को तवज्जो दी उसको लेकर राजनीतिक चर्चा शुरू हो गई है, कुछ लोग इसे छत्तीसगढ़ के नेतृत्व से जोड़ रहे हैं तो कुछ लोग राज्यपाल पदोन्नत करने की बात कर रहे हैं। वहीं एक वर्ग का कहना है कि मोदी जानते हैँ कि कब किसे कितना महत्व देना है? उन्होंने हरियाणा के तब के सीएम मनोहर लाल खटटर को अपना मित्र बताया,साथ में मोटर सायकल में हरियाणा घूमने की याद भी की, उसी के बाद उन्हें सीएम पद से हटा भी दिया…!खैर जहाँ तक छत्तीसगढ़ की बात है तो यहां किसी गैर आदिवासी को सीएम बनाने की फिलहाल तो कोई संभावना नहीं दिख रही है,विस चुनाव के समय नेतृत्व परिवर्तन हो सकता है….?

कहां आईएएस जोगी..
कहां ओपी चौधरी…! 

छत्तीसगढ़ में 2 आईएएस की राजनीति की चर्चा जरुरी है, पहले आईएएस, राज्यसभा, लोकसभा होकर छत्तीसगढ़ के पहले सीएम बननेवाले अजीत जोगी की बात करें, आईपीएस फिर आईएएस कलेक्टर बनने वाले अजीत जोगी ने 1974 से 1986 यानि12 साल लगातार कले क्टर बन आजाद भारत में रिकार्ड बनाया। नौकरी छोड़ कर राज्यसभा सदस्य बने, फिर लोकसभा सदस्य बने, छ्ग बनने पर पहले सीएम बने, नई राजधानी अटलनगर भी उनकी कल्पना थी, उनकी जाति सहित कुछ मामले छोड़ देँ तो राज्य परिवहन निगम की समाप्ति, छ्ग विधुत मण्डल गठन, किसानों की सरकारी धान खरीदी का निर्णय उनकी कार्य प्रणाली का सबूत है।अब दूसरे आई एएस ओपी चौधरी की बात करें,वे 2005 बैच के आईए एस थे। अपने 13 साल के कार्यकाल के दौरान, उन्होंने दंतेवाड़ा और रायपुर सहित कई जिलों में कलेक्टर के रूप में कार्य किया। दंतेवाड़ा में शिक्षा के क्षेत्र में उनके काम, जैसे ‘प्रयास’ स्कूल की स्था पना के लिए राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया गया।रायपुर कलेक्टर के पद से इस्तीफा देकर भाजपा में शामिल होने के बाद विधानसभा चुनाव हारनेवाले ओपी दूसरा चुनाव जीतकर वित्तमंत्री बनने के बाद से चर्चा में है। कर्ज लेकर सरकार चलाने वाले ओपी कभी रायगढ़ में मैरिन ड्राइव बनने के नाम पर लोगों को उजाड़ने,तो कभी भाजयुमो अध्यक्ष को हटाने चर्चा में रहे तो हाल ही में शहर-ग्रामीण क्षेत्र में कलेक्टर गाइड लाईन में बड़ी वृद्धि को लेकर चर्चा में हैं,लगता है इसमें भी कुछ बदलाव हो सकता है? 70 लाख महिलाओँ को 1हजार ₹ महीना देने, किसानों की धान खरीदी में छ्ग सरकार की आर्थिक स्थिति गड़बड़ा गई है…? सूत्रों की मानेँ तो आय बढ़ाने बिजली दर में वृद्धि, भूपेश सरकार की 200 यूनिट की छूट समाप्त करने के पीछे भी इनकी ही पहल थी। खैर लोगों की सोच थी कि जोगी के बाद एक और छत्तीसगढ़िया आईएएस राजनीति में कुछ नया करेगा पर इनकी कार्यप्रणाली ही चर्चा में है। खैर जोगी से तो इनकी तुलना की ही नहीं जा सकती है।

कलेक्टर गाइड लाइन बढ़ाने
का मोहन ने किया विरोध… 

छग में भूमि खरीदी-बिक्री के लिए कलेक्टर गाइडलाइन दरों में 100 % से लेकर 800 % तक की भारी- भरकम बढ़ोतरी के खिलाफ राज नीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। रायपुर के सांसद,वरिष्ठ भाजपा नेता बृजमोहन अग्रवाल ने इस वृद्धि को जनविरोधी,अव्या वहारिक, आर्थिक अन्याय करार देते हुए सीएम विष्णुदेव साय को पत्र लिखकर इस निर्णय को तत्काल स्थगित करने की मांग की है।पत्र में सांसद अग्रवाल ने कहा कि गाइडलाइन दरों में वृद्धि बिना किसी जन-परामर्श,वास्तविक मूल्यांकन और सामाजिक -आर्थिक प्रभावों की समीक्षा के कर दी गई है। इस निर्णय ने किसानों, छोटे व्यापारियों, कुटीर-उद्यमियों, मध्यम वर्ग, रियल एस्टेट सेक्टर सहित निवेशकों में गहरी नाराजगी पैदा कर दी है।उन्होंने कहा “यह निर्णय छग की आर्थिक रीढ़ पर सीधा आघात हुआ है।”सांसद ने अपने पत्र में लाभांडी और निमोरा जैसे गांवों का उदाहरण देते हुए बताया कि गाइडलाइन दरों में 725% से 888% तक वृद्धि कर दी गई है, जबकि इन क्षेत्रों में नगरीय सुविधाओं का विस्तार नहीं हुआ है और न ही वास्तविक बाजार मूल्य इतने अधिक हैं। उन्होंने नवा रायपुर के पास के ग्रामीण क्षेत्रों को अचानक नगरीय क्षेत्र घोषित करने पर भी सवाल उठाए। सांसद ने कहा कि“बिना आधारभूत सुविधाएं विकसित किए नगरीय क्षेत्र घोषित करना उचित नहीं है और इसका प्रतिकूल प्रभाव सीधे जनता पर पड़ेगा।”

बस्तर में नक्सलवाद अब
2 नामों पर सिमटा…. 

बस्तर,माओवादियों का अभेद्य गढ़ माना जाता था, अब इतिहास के सबसे बड़े मोड़ से गुजर रहा है। केंद्र सरकार की समग्र उन्मूलन नीति, गृह मंत्री अमित शाह की मार्च 2026 तक ‘माओ वादी हिंसकों की समाप्ति’ की रणनीति ने परिणाम दिखाया है, जिसकी कल्पना 5 साल पहले नहीं की जा सकती थी। बस्तर में माओवादी संगठन का मुख्य नेतृत्व अब केवल दो नामों तक सिमट गया है इनके साथ अधिकतम 130- 150 हथियारबंद सदस्य ही सक्रिय माने जा रहे हैं।बस्तर आइजी सुंदरराज के अनुसार, माओवादी संगठन का मुख्य नेतृत्व अब बारसे देवा,पश्चिम बस्तर डिविजन सचिव पापा राव तक सीमित रह गया है। साथ130-150 हथियारबंद सदस्य ही सक्रिय माने जा रहे हैं। टेकुलगुड़ेम में 3 अप्रैल 2021 को हिड़मा के हिंसक दल द्वारा किए भीषण हमले में 21 जवान बलिदान हो गए थे। यह घटना बस्तर में माओ वादी ढांचे के पतन की शुरु आत बनी। इसी के बाद गृह मंत्री अमित शाह बस्तर पहुंचे और माओवादी हिंसा उन्मूलन का दृढ़ संकल्प लिया,पहले लक्ष्य तिथि 30 मार्च 2023 तय था,बाद में 30 मार्च 20 26 तक बढ़ाया गया। तब माना जा रहा था कि बस्तर से माओवाद का सफाया लगभग असंभव है। शाह की रणनीति और सुरक्षा बलों की निरंतर कार्रवाई ने इसे संभव कर दिया है।माओवादियों के लिए 2025 सबसे भारी साबित हुआ है। यह वर्ष अभी खत्म भी नहीं हुआ है,11 महीनों में सुरक्षा बलों ने माओवादी नेट वर्क की रीढ़ पूरी तरह तोड़ दी है। शुरुआत गरियाबंद जिले में शीर्ष हिंसक चलपति के मुठभेड़ में मारे जाने से हुई।बाद में हिडमा सहित कई बड़े नक्सली लीडर मारे गये, कुछ बड़े नक्सली लीडरों ने आत्म समर्पण कर दिया है।

मैत्री बाग में मादा
सफ़ेद बाघिन की मौत…

भिलाई मैत्रीबाग चिड़िया घर में एक सफेद बाघिन की मौत हो गई। चिड़ियाघर के सूत्रों ने बताया कि 12 वर्षीय मादा सफेद बाघिन‘जया’ ने भिलाई स्थित मैत्री बाग में दम तोड़ दिया। सुबह अचानक ‘जया’ की हालत बिगड़ गई और बाद में उसकी मौत हो गई। अधिकारियों ने बताया कि चिकित्सकों,विशेषज्ञों के दल ने बाघिन के शव का पोस्ट मार्टम किया, बाद में उसका अंतिम संस्कार कर दियागया।शुरुआती जांच से बाघिन की मौत पेट संबंधी परेशानी की वजह से हुई हालांकि पोस्ट मार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद इस संबंध में अधिक जान कारी मिली सकेगी। चिड़िया घर में अब 3 सफेद बाघ और 2 सफेद बाघिन हैं। लगभग 13 सफेद बाघ (कुछ सफेद बाघिनों सहित) को दूसरे चिड़ियाघरों में भेज दिया गया है।

और अब बस……

0केंद्र सरकार के निर्देश पर छ्ग राज्यपाल सचिवालय ने राजभवन का नया नाम ‘लोक भवन’ कर दिया है। आदेश जारी होते ही परिसर में लगी पुरानी नाम पट्टिका उतार दी गई और उसकी जगह नया बोर्ड लगा दिया गया।

0 दुर्ग-भिलाई में बंधन बैंक सुपेला में खाता खोल उनका उपयोग साइबर ठगी में किए जाने वाले खाताधारकों के खिलाफ सुपेला पुलिस, एसी सीयू यूनिट ने संयुक्त कार्रवाई की है। 27 आरोपितों द्वारा बंधन बैंक में म्यूल अकाउंट खुलवाकर साइबर फ्रॉड से प्राप्त एक करोड़ बीस लाख से अधिक रकम का अवैध लेन देन किया गया ।
{कॉलम 20 सालों से लगातार}

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