गन्ना उत्पादक किसानों के हितों की रक्षा सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी – अरुण यादव

जवाहरलाल नेहरू सहकारी शक्कर कारखाना सरवर देवला द्वारा धारणी में 
एक दिवसीय गन्ना किसान संगोष्ठी का आयोजन
खरगोन। जवाहरलाल नेहरू सहकारी एग्रीकल्चर प्रोड्यूस प्रोसेसिंग सोसायटी लिमिटेड, शक्कर कारखाना सरवर देवला बोरावंां जिला खरगोन मप्र द्वारा महाराष्ट के अमरावती जिले के धारणी में सोमवार को गन्ना उत्पादक किसानों के लिए भव्य “गन्ना किसान संगोष्ठी” का आयोजन किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व केन्द्रीय कृषि राज्यमंत्री श्री अरुण यादव ने शिरकत की और किसानों को संबोधित किया । संगोष्ठी में बड़ी संख्या में क्षेत्र के गन्ना उत्पादक किसान, सहकारी संस्थाओं के प्रतिनिधि, कृषि विशेषज्ञ, मिल प्रबंधन और स्थानीय जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को आधुनिक तकनीक, मूल्य आधारित खेती, गन्ना उत्पादन बढ़ाने की नई विधियों और सहकारी संस्थाओं की भूमिका के बारे में जानकारी देना था।
अपने संबोधन में अरुण यादव ने कहा कि गन्ना केवल एक फसल नहीं, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। उन्होंने कहा कि “किसान देश की ऊर्जा हैं और सरकार की पहली जिम्मेदारी किसानों के हितों की रक्षा करना है। गन्ना उत्पादकों को उचित मूल्य, समय पर भुगतान और आधुनिक प्रसंस्करण सुविधाएं मिलना अत्यंत आवश्यक है ।” उन्होंने यह भी कहा कि सहकारी शक्कर कारखाने ग्रामीण विकास के सबसे मजबूत स्तंभ हैं, क्योंकि ये न केवल किसानों को आर्थिक सुरक्षा देते हैं, बल्कि रोजगार और सामाजिक विकास के भी केंद्र बनते हैं।
इस अवसर पर श्री यादव ने किसानों से आग्रह किया कि वे आधुनिक कृषि पद्धतियों, सूक्ष्म सिंचाई, जैविक खादों और उच्च उत्पादकता वाली गन्ना किस्मों को अपनाएं। उन्होंने युवाओं से भी कहा कि वे कृषि को उद्यमिता के रूप में देखें और सहकारी आंदोलन से जुड़कर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाएं। कार्यक्रम में मिल के अध्यक्ष, संचालकगण, कृषि वैज्ञानिकों और जिला अमरावती के अनेक वरिष्ठ किसान नेताओं ने भी विचार व्यक्त किए। संगोष्ठी के अंत में किसानों के सवाल-जवाब सत्र का आयोजन हुआ, जिसमें पूर्व केन्द्रीय मंत्री अरुण यादव ने किसानों की समस्याएं सुनीं और समाधान के लिए अपने सुझाव दिए।

 

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